यज्ञ / हवन
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
पवित्र अग्नि में आहुति देकर लोककल्याण की कामना
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत धातु 'यज्' (पूजा करना, संगतिकरण, दान)।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
प्रकृति और देवताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा पर्यावरण को शुद्ध करने का वैदिक विधान।