प्रातकाल का पावन ध्यान और ध्यान-साधना
निरंकार परमात्मा का ध्यान और स्वरूप
परमात्मा के ध्यान और स्मरण की पावन विधि
सुरति और शब्द का पावन मिलन
दिव्य स्मरण की शाश्वत गूंज
गुरु ग्रंथ साहिब के शबदों का गायन
यह दिव्य पंक्तियाँ गुरु के चरण कमलों के ध्यान की महिमा का वर्णन करती हैं, जिससे भवसागर पार होता है और सभी दुख, भ्रम तथा भय नष्ट हो जाते हैं।