अन्नपूर्णा अष्टोत्तरशतनामावली: शिवप्रिया, अन्न-पोषण की दात्री देवी अन्नपूर्णा के 108 नाम, शिवरहस्य की परम्परा से।
विश्वसार तन्त्र से भगवती दुर्गा के 108 नाम, जो 'ॐ सत्यै नमः' से आरम्भ होते हैं और महिषासुर, शुम्भ आदि पर उनकी विजय का स्मरण कराते हैं।
गणेश अष्टोत्तरशतनामावली: भगवान गणेश के 108 नाम, प्रत्येक ॐ से आरंभ और नमः पर समाप्त; विघ्नहर्ता और प्रथमपूज्य की उपासना के लिए।
हनुमान अष्टोत्तरशतनामावली: श्रीराम के अनन्य सेवक हनुमानजी के 108 नाम, मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती पर साहस और रक्षा के लिए।
कृष्ण अष्टोत्तरशतनामावली: गोकुल की बाल-लीला से गीता तक भगवान श्रीकृष्ण के 108 नाम, जन्माष्टमी और नित्य वैष्णव पूजा में पाठ्य।
लक्ष्मी अष्टोत्तरशतनामावली: देवी लक्ष्मी के 108 नाम, शुक्रवार, वरलक्ष्मी व्रत और दीपावली पर समृद्धि और कृपा के लिए पाठ्य।
देवी सरस्वती के 108 नामों की नामावली, वाणी, विद्या और संगीत की दात्री; वसंत पंचमी तथा विद्यार्थियों और विद्वानों द्वारा पाठ्य।
शिव अष्टोत्तरशतनामावली: भगवान शिव के 108 नाम, रुद्राभिषेक में बिल्वपत्र और जल के साथ, सोमवार, प्रदोष और महाशिवरात्रि पर पाठ्य।
भगवान विष्णु के 108 नामों की नामावली, जगत्पालक नारायण की स्तुति; एकादशी, गुरुवार और प्रातः प्रार्थना में तुलसी दल के साथ पाठ्य।