पञ्चभूतस्थलानि
पृथिव्यप्तेजोवाय्वाकाशानां पञ्च पावनशिवधामानि
दक्षिणभारते स्थितानि पञ्च शिवधामानि, यत्र शिवः पञ्चमहाभूतानां रूपेण पूज्यते।
पंचमहाभूतों का यौगिक व आध्यात्मिक रहस्य
योग विज्ञान और भारतीय दर्शन के अनुसार, संपूर्ण बाह्य ब्रह्मांड और मानव शरीर पंचमहाभूतों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) के सूक्ष्म संतुलन से निर्मित है।
साधकों के अंतःकरण में भूत-शुद्धि (तत्वों के शोधन) और चेतना को प्रकृति के साथ एकाकार करने हेतु दक्षिण भारत में पाँच भव्य शिव धामों की प्रतिष्ठा की गई, जहाँ देवाधिदेव महादेव पंचतत्वों के स्वरूप में विराजमान हैं।
पंचभूत पावन धाम व भौगोलिक स्थिति
भौगोलिक सटीकता व यौगिक महत्व
इन प्राचीन धामों का वास्तु और भौगोलिक संरेखण विस्मयकारी है:
- •देशांतर रेखा संरेखण: कांचीपुरम, श्रीकालहस्ती और चिदंबरम लगभग एक ही देशांतर रेखा (७९° ४१' पूर्व) पर स्थित हैं।
- •भूत शुद्धि व चक्र संरेखन: इन पाँचों धामों की साधना शरीर के पाँचों प्रमुख चक्रों (मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत व विशुद्ध) को संतुलित करती है।
- •चिदंबर रहस्य: चिदंबरम में निराकार आकाश का दर्शन यह सिखाता है कि परमात्मा का सर्वोच्च स्वरूप सर्वव्यापी, शांत और रूप-रहित चिदाकाश है।
पावन वार्षिक उत्सव व देव आराधना
प्रमुख तीर्थ साधना व परंपराएँ
- •गिरिप्रदक्षिणा (अरुणाचल गिरिवालम): प्रत्येक पूर्णिमा को लाखों भक्त नंगे पैर १४ किमी की पवित्र अरुणाचल परिक्रमा करते हैं।
- •चिदंबर रहस्य दर्शन: दैनिक आरती के समय गर्भगृह का पर्दा हटाकर निराकार आकाश स्वरूप स्वर्ण बिल्वपत्रों का दर्शन कराया जाता है।
पावन शिव षडक्षर स्तोत्र
पंचतत्वों को एकाकार करने वाला पावन ॐ नमः शिवाय स्तोत्र:
ॐकारं बिन्दुसंयुक्तं
नित्यं ध्यायन्ति योगिनः।
कामदं मोक्षदं चैव
ॐकाराय नमो नमः॥
नमन्ति ऋषयो देवा
नमन्त्यप्सरसां गणाः।
नरा नमन्ति देवेशं
नकाराय नमो नमः॥
ज्ञातव्य-विशेषः
Exact Longitude Alignment
Three of the five element temples (Kanchipuram, Srikalahasti, Chidambaram) are aligned along roughly 79° 41' E longitude, built more than a thousand years ago.
The Chidambara Rahasya
In the sanctum of the Chidambaram temple, the priest parts a velvet curtain to reveal nothing but an empty space adorned with a golden bilva garland, representing the formless Akasha.
Underground Spring at Jambukeswarar
The sanctum of the Water Lingam at Thiruvanaikaval is perpetually submerged in water that springs naturally from the earth regardless of the season.
Flickering Lamps of Srikalahasti
In the air-tight, subterranean inner sanctum of Srikalahasteeswara, two oil lamps constantly flicker while others remain still, symbolizing the presence of Vayu.
Shiva
योगःतः अधिकम्
सम्बद्धशिक्षाः
सैव शिक्षा, विविधपरम्परासु प्रतिध्वनिता
