अनेकांतवाद
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
बहुआयामी यथार्थ तथा निरपेक्षतावाद-रहित सिद्धांत
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'अन्-एक-अंत' (एकांगी नहीं / बहु-दृष्टिकोण) तथा 'वाद' (सिद्धांत) से।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
बौद्धिक विनम्रता सिखाता है: कोई भी एक दृष्टिकोण संपूर्ण सत्य नहीं रखता, यह सहानुभूति तथा सद्भाव को बढ़ाता है।