अवतार
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
अवतरण
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'अव' (नीचे) + 'तृ' (पार करना) से — किसी देवता, विशेषकर विष्णु, का स्वर्गीय लोक से भौतिक जगत में शारीरिक रूप में अवतरण।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
विष्णु के दस प्रमुख अवतार (दशावतार) — जिनमें राम एवं कृष्ण सम्मिलित हैं — कहा जाता है कि जब भी ब्रह्मांडीय व्यवस्था (धर्म) गंभीर रूप से संकटग्रस्त होती है तब अवतरित होते हैं, यह अवधारणा बाद में भगवद्गीता के प्रसिद्ध वचन में प्रतिध्वनित होती है।