Bharat Devotion

चालीसा

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

चालीस चौपाइयों/छंदों का भक्तिपूर्ण पाठ

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संख्या 'चालीस' से व्युत्पन्न, जिसका मूल संस्कृत 'चत्वारिंशत्' है।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

भक्ति साहित्य का अत्यंत लोकप्रिय रूप, जिसे कोई भी भक्त सरलता से गा सकता है।

प्रमुख चालीसा पाठ व भजन

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चालीसा

हनुमान चालीसा भगवान हनुमान की स्तुति में 40 छंदों का एक भक्ति गीत है, जिसे गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था। इसमें हनुमान जी के पराक्रम, बुद्धि, भक्ति और राम के प्रति समर्पण का गुणगान किया गया है।

43 verses
चालीसा

यह चालीसा भगवान महावीर के जीवन, गुणों और उपदेशों का एक भक्तिपूर्ण गुणगान है, जिसे प्रतिदिन पढ़ने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है।

43 verses
चालीसा

यह एक भक्ति रचना है जिसमें भगवान शिव की स्तुति की गई है। इसे पढ़ने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और संकट दूर होते हैं।

44 verses
चालीसा

यह पार्श्वनाथ चालीसा भगवान पार्श्वनाथ की स्तुति और उनके जीवन की प्रमुख घटनाओं का वर्णन करने वाली एक भक्ति रचना है, जिसे पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोवांछित फल प्राप्त होता है।

34 verses
चालीसा

यह श्री गणेश चालीसा भगवान गणेश की स्तुति में रचा गया एक लोकप्रिय भक्ति गीत है। इसमें चालीस चौपाइयों और दो दोहों के माध्यम से गणेश जी के रूप, गुण, जन्म कथा और उनकी कृपा का वर्णन किया गया है।

43 verses
चालीसा

यह एक भक्ति स्तोत्र है जिसमें भगवान कृष्ण के बाल-लीला, गोपी-प्रेम, रास-लीला, महाभारत में उनकी भूमिका, और उनके विभिन्न रूपों की स्तुति की गई है। इसे पढ़ने से मनोवांछित फल की प्राप्ति और कष्टों से मुक्ति का वर्णन है।

44 verses

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