Purnima, Chaitra
परम रामभक्त, संकटमोचन श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव।
हनुमान चालीसा भगवान हनुमान की स्तुति में 40 छंदों का एक भक्ति गीत है, जिसे गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था। इसमें हनुमान जी के पराक्रम, बुद्धि, भक्ति और राम के प्रति समर्पण का गुणगान किया गया है।
हनुमान जी की यह आरती उनके लंका-गमन, संजीवनी लाने और अहिरावण-वध का स्मरण कराती है; भक्त इसे बल, साहस और रक्षा के लिए गाते हैं।
यह एक भक्ति स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की स्तुति करता है। इसमें हनुमान जी के गुणों, रामभक्ति और राम नाम के महिमा का वर्णन है।
'मनोजवं मारुततुल्यवेगं': हनुमानजी को मन और वायु जैसा वेगवान, जितेन्द्रिय और श्रीराम का दूत बताने वाला श्लोक।
यह आठ श्लोकों वाली प्रार्थना है जिसमें हनुमान जी के उन अद्भुत कार्यों का वर्णन है, जिनसे उन्होंने अलग-अलग समय पर भगवान राम, लक्ष्मण और सीता जी की रक्षा की। इसे पढ़ने या सुनने से हनुमान जी की कृपा से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं।
हनुमान जी के स्मरण से मिलने वाले आठ गुणों का श्लोक: बुद्धि, बल, यश, धैर्य, निर्भयता, आरोग्य, सजगता और वाक्पटुता।
यह संस्कृत स्तोत्र है जिसमें हनुमान जी के नामों से सिर से पैर तक शरीर के हर अंग की रक्षा की प्रार्थना की गई है। भक्त इसे सुरक्षा, दीर्घायु और सुख-शांति के लिए पढ़ते हैं।
श्रीराम के 108 नामों का स्तोत्र, जो रामायण को काण्ड-क्रम से स्मरण कराता है, साथ में राम, सीता और हनुमान की प्रार्थनाएँ।
यह हनुमान जी की स्तुति का एक प्रसिद्ध पाठ है, जिसे 'बजरंग बाण' कहा जाता है। इसमें भक्त हनुमान जी से अपनी रक्षा, संकटों के निवारण और कार्यसिद्धि की प्रार्थना करता है।
यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक शक्तिशाली स्तुति है, जिसमें वे अपनी असहनीय बांह की पीड़ा से मुक्ति के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करते हैं और उनकी वीरता, करुणा और शक्ति का वर्णन करते हैं।
यह एक भक्ति स्तोत्र है जिसमें भगवान हनुमान के पराक्रम, रामभक्ति, ज्ञान और आशीर्वाद का वर्णन है। इसे सद्गुरु श्री त्यागराज स्वामी की शिष्या पुष्पा ने रचा है।
हनुमान अष्टोत्तरशतनामावली: श्रीराम के अनन्य सेवक हनुमानजी के 108 नाम, मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती पर साहस और रक्षा के लिए।