श्री हनुमान
अन्य नाम: Bajrangbali, Anjaneya, Maruti
श्रीराम के अनन्य भक्त, शक्ति, बुद्धि, भक्ति और निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक।
हनुमान जी का जन्म
अंजना की शिव से तपस्या तथा वायु द्वारा दिए गए पवित्र पायसम ने हनुमान को जन्म दिया, जिन्होंने बाल्यावस्था में स्वयं सूर्य को निगलने का प्रयास किया।
हनुमान चालीसा का उद्भव
तुलसीदास की शरणागति
मंगलवार व्रत
हनुमान जी की साधना
शनिवार व्रत
कर्मफलदाता शनिदेव की कृपा, सरसों का तेल दान एवं साढ़ेसाती शांति विधि
