मंत्र
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
पवित्र जप-सूत्र
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'मन्' (चिंतन करना) और 'त्र' (रक्षा करना) से बना; अष्टावरणों में से एक — इष्टलिंग दीक्षा के समय गुरु द्वारा दिया जाने वाला 'ॐ नमः शिवाय' पंचाक्षर मंत्र।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
प्रत्येक श्वास के साथ पंचाक्षर मंत्र का जप करना शिव के साथ निरंतर संपर्क को दैनिक जीवन की पृष्ठभूमि में बदल देता है।