Bharat Devotion

निर्जला

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

जल के बिना

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'निर्' (बिना) + 'जल' (पानी) से।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

व्रत का सबसे कठोर रूप, जिसमें न अन्न लिया जाता है और न जल। करवा चौथ और निर्जला एकादशी इसी प्रकार रखे जाने वाले प्रसिद्ध व्रत हैं।

निर्जला का उल्लेख इन लेखों में

आध्यात्मिक रहस्य, व्रत विधि एवं २४ एकादशियों का परिचय

एकादशी व्रत का मार्गदर्शक: एकादशी देवी का प्राकट्य, उपवास के तीन प्रकार, वर्जित आहार, पूजन विधि तथा द्वादशी पारण और हरि वासर के नियम।

पद्म पुराण में वर्णित चैत्र शुक्ल पक्ष की कामदा एकादशी की पावन कथा, जिसके प्रभाव से गन्धर्व ललित राक्षस योनि से मुक्त हुआ और पतिव्रता ललिता की मनोकामना पूर्ण हुई।

पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाला यह व्रत और इससे जुड़ी कहानियां

पद्म पुराण में वर्णित ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की भीमसेनी निर्जला एकादशी की पावन कथा, जिसमें जल की एक बूँद भी ग्रहण किए बिना व्रत रखा जाता है।

शिव को पाने हेतु पार्वती का तप