निर्जला
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
जल के बिना
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'निर्' (बिना) + 'जल' (पानी) से।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
व्रत का सबसे कठोर रूप, जिसमें न अन्न लिया जाता है और न जल। करवा चौथ और निर्जला एकादशी इसी प्रकार रखे जाने वाले प्रसिद्ध व्रत हैं।