Bharat Devotion

पंज प्यारे

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

पांच प्रिय

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

'पंज' (पांच) + 'प्यारे' (प्रिय) से — विसाखी 1699 को गुरु गोबिंद सिंह जी हेतु अपना सिर देने आगे आए प्रथम पांच सिख, जो खालसे के मूल आधार बने।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

पंज प्यारे विभिन्न जातियों तथा क्षेत्रों से आए थे, जो खालसे की जातिविहीन एकता को दर्शाते हैं — आज भी अमृत संचार दीक्षा समारोह उनकी स्मृति में पांच अमृतधारी सिखों द्वारा संपन्न किया जाता है।

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