संघ
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
समुदाय, संघ
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत/पालि 'संघ' से — एक समूह — बौद्ध साधकों का मठवासी तथा गृहस्थ समुदाय, बुद्ध एवं धम्म के साथ त्रिरत्न में से एक।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
संघ की शरण लेने का अर्थ है मार्ग पर साथी साधकों के समर्थन तथा उदाहरण पर निर्भर रहना, यह स्वीकार करते हुए कि आध्यात्मिक विकास विरले ही एकांत में प्राप्त होता है।