वग्ग
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
अध्याय, खंड
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
पाली "वग्ग" (समूह, अध्याय, खंड) से — धम्मपद के 423 श्लोकों को 26 विषयगत अध्यायों में व्यवस्थित करने की पारंपरिक पद्धति।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
प्रत्येक वग्ग एक ही विषय के श्लोकों को एक साथ रखता है — पहला वग्ग, "यमक वग्ग," मन की अच्छाई या बुराई की शक्ति पर युगल पंक्तियों से आरंभ होता है। केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि वग्ग के अनुसार पढ़ना बुद्ध की शिक्षा की संरचना को प्रकट करता है।