योग निद्रा
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
योगिक निद्रा
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'योग' और 'निद्रा' (नींद) से बना; एक निर्देशित, व्यवस्थित विश्राम तकनीक जो साधक को जाग्रत तथा निद्रा के बीच की अवस्था में ले जाती है, तांत्रिक ग्रंथों में गहरी चेतना की सीमा-अवस्था के रूप में वर्णित।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
योग निद्रा का एक घंटा प्रायः सामान्य नींद के कई घंटों जितना पुनर्स्थापनात्मक कहा जाता है, क्योंकि साधक शरीर के पूर्ण विश्राम के बावजूद सचेत रूप से जागरूक रहता है।