Bharat Devotion

युग

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

एक युग; लंबा काल

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'युग' (काल, अवधि) से; चार दोहराए जाने वाले लोक-युगों में से एक — सत्य, त्रेता, द्वापर, तथा कलि — क्रमशः घटती अवधि तथा घटते धर्म वाले, जो साथ मिलकर पुनरावृत्ति से पूर्व एक पूर्ण महायुग चक्र बनाते हैं।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

हिंदू परंपरागत रूप से मानते हैं कि हम वर्तमान में कलियुग में जी रहे हैं, नैतिक पतन का युग — फिर भी यह ढाँचा आशा प्रदान करता है, क्योंकि प्रत्येक युग चक्र अंततः पूर्ण होता है तथा सत्ययुग पुनः लौटता है।

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