महाकाय के पीछे का धनुर्धर
वह फल जो आम जैसा दिखता था
वह आवाज़ जो एक खोखले वृक्ष से आई
बढ़ई का मूर्ख पुत्र और मच्छर
वह पुरोहित जिसने स्वयं को नष्ट किया
वरण-वृक्ष और आलसी शिष्य