अन्य नाम: Sharada, Vagdevi, Vani
विद्या, ज्ञान, संगीत, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी।
घंटा का महत्व
सरस्वती को समर्पित दो पंक्तियों की प्रार्थना, जिसे विद्यार्थी पढ़ाई या विद्यारम्भ से पहले बोलते हैं और अध्ययन की सफलता माँगते हैं।
अखिलाण्डदेवी और भगवान जम्बुकेश्वर की चार श्लोकों की संस्कृत स्तुति, जिसकी रचना शृंगेरी के जगद्गुरु ने की और जो तिरुवानैक्कावल मंदिर से जुड़ी है।
श्री सरस्वती स्तोत्रम् (अगस्त्य कृतम्): सरस्वती के श्वेत तेज की स्तुति के 21 श्लोक, नमस्कारों और फल-कथन सहित।
देवी सरस्वती के 108 नामों की नामावली, वाणी, विद्या और संगीत की दात्री; वसंत पंचमी तथा विद्यार्थियों और विद्वानों द्वारा पाठ्य।
यह एक लोकप्रिय भक्ति स्तोत्र है जो माँ सरस्वती की स्तुति में रचा गया है। इसमें माँ सरस्वती के साथ-साथ देवी के विभिन्न रूपों (जैसे दुर्गा, चण्डी आदि) का वर्णन है और उनकी कृपा से बुद्धि, विद्या तथा संकटों से मुक्ति की प्रार्थना की गई है।