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Embroidered artwork for सरस्वती प्रार्थना: Embroidered Om symbol above a brass diya, marigolds and a temple spire at sunrise

सरस्वती प्रार्थना

सरस्वती प्रार्थना

सरस्वती को समर्पित दो पंक्तियों की प्रार्थना, जिसे विद्यार्थी पढ़ाई या विद्यारम्भ से पहले बोलते हैं और अध्ययन की सफलता माँगते हैं।

श्लोक

सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा
Saraswati Namastubhyam Varade Kaamaroopini Vidyarambham Karishyami Siddhir Bhavatu Me Sada

पूजन विधि एवं फलश्रुति (महत्व व लाभ)

शुभ दिन व तिथि

नित्य प्रतिदिन अथवा शुभ तिथियों (एकादशी, पूर्णिमा, प्रदोष) पर

उत्तम मुहूर्त / समय

ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4 से 6 बजे) अथवा संध्या काल

पूजन सामग्री व अर्पण

शुद्ध घी का दीपक, धूप, ताजे पुष्प एवं नैवेद्य/जल

फलश्रुति एवं आध्यात्मिक लाभ
  • मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति एवं घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार

पृष्ठभूमि

इस प्रार्थना को विद्यार्थी और जिज्ञासु पाठ से पहले, विद्यालय के दिन के आरम्भ में या विद्यारम्भ संस्कार में पढ़ते हैं। यही श्लोक स्तोत्रनिधि पर उपलब्ध 'श्री सरस्वती स्तोत्रम् (अगस्त्य कृतम्)' के 21 श्लोकों में पाँचवें स्थान पर आता है, जिसका अपना समापन-वाक्य उसे 'अगस्त्यमुनि द्वारा कथित' कहता है। अकेले बोले जाने पर ये दो पंक्तियाँ बिना किसी रचयिता के नाम के प्रचलित हैं, और यह स्थापित नहीं है कि इस विशेष श्लोक को अगस्त्य ने ही रचा। सनातन परम्परा सरस्वती को वाणी, विद्या और कलाओं की देवी मानकर स्मरण करती है।

क्या आप जानते हैं?

ज्ञान की देवी

सरस्वती विद्या, संगीत और कलाओं की देवी हैं, जिन्हें प्रायः श्वेत कमल पर वीणा, पुस्तक और माला के साथ दिखाया जाता है।

स्रोत

स्तोत्रनिधि के 'श्री सरस्वती स्तोत्रम् (अगस्त्य कृतम्)' में यह श्लोक पाँचवाँ पद है, जो देवी के स्वरूप-वर्णन और नमस्कारों की लम्बी शृंखला के बीच आता है।

मुख्य शब्द

'विद्यारम्भ' का अर्थ शिक्षा का आरम्भ है। यह उस संस्कार का भी नाम है, जो विशेषकर दक्षिण भारत में विजयादशमी पर होता है और जिसमें बालक चावल पर पहले अक्षर लिखता है।

वर देने वाली

श्लोक सरस्वती को 'वरदे', यानी वर देने वाली, और 'कामरूपिणि', यानी इच्छानुसार रूप धारण करने वाली, कहता है।

सभी आयु के विद्यार्थी

बच्चे और बड़े सभी इसे पढ़ाई से पहले बोलते हैं, मन की स्पष्टता और निरन्तर प्रगति के लिए।

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