मंगलाचरण
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
शुभ आरंभ
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'मंगल' (शुभ) और 'आचरण' (करने की क्रिया) से — पाठ आरंभ करते समय शुभकारी शब्दों का उच्चारण।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
पवित्र पाठ आरंभ होने से पहले गुरु या इष्ट देवता की वंदना करने वाला पारंपरिक आरंभिक आवाहन, जो बाधाओं को दूर करता है और ईश्वरीय कृपा का आह्वान करता है।