मोक्ष / मुक्ति
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
भवबंधन एवं जन्म-मृत्यु के चक्र से परम मुक्ति
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत धातु 'मुच्' (मुक्त होना)।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य, जहाँ आत्मा परमात्मा में विलीन होकर अनंत शांति पाती है।