Bharat Devotion

पंचामृत

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

दूध, दही, घी, शहद और शर्करा का पावन मिश्रण

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'पञ्च' (पाँच) + 'अमृत' (अविनाशी रस)।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

भगवान के अभिषेक के उपरांत प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाने वाला स्वास्थ्यवर्धक अमृत।

पंचामृत का उल्लेख इन लेखों में

भगवान के चरणामृत का आध्यात्मिक महत्व और ग्रहण करने का नियम

पाँच पावन अमृत तत्व

ब्रह्माण्ड पुराण में वर्णित फाल्गुन शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी की पावन कथा, जिसमें आंवले के वृक्ष के पूजन से एक पापी शिकारी को भी मोक्ष प्राप्त हुआ था।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की हरिशयनी एकादशी की पावन कथा, जिससे चातुर्मास का शुभारम्भ होता है और भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रविष्ट होते हैं।

एकादशी व्रत का मार्गदर्शक: एकादशी देवी का प्राकट्य, उपवास के तीन प्रकार, वर्जित आहार, पूजन विधि तथा द्वादशी पारण और हरि वासर के नियम।

ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित आश्विन कृष्ण पक्ष (पितृ पक्ष) की इन्दिरा एकादशी की पावन कथा, जिसमें देवर्षि नारद के उपदेश से राजा इन्द्रसेन ने अपने पितरों को यमलोक के कष्ट से मुक्त कराकर वैकुण्ठ भेजा था।