पंचामृत
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
दूध, दही, घी, शहद और शर्करा का पावन मिश्रण
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'पञ्च' (पाँच) + 'अमृत' (अविनाशी रस)।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
भगवान के अभिषेक के उपरांत प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाने वाला स्वास्थ्यवर्धक अमृत।