Bharat Devotion

संस्कार

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

पवित्र संस्कार; परिष्कृत छाप

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'सम्' (पूर्णतः) और 'कृ' (करना) से बना; दोनों — जन्म से मृत्यु तक 16 पारंपरिक जीवन-चक्र संस्कार, तथा चरित्र को आकार देने वाली पूर्व कर्मों द्वारा संचित गहरी मानसिक छापें।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

यह दोहरा अर्थ जानबूझकर है — बाह्य कर्मकांडीय संस्कार (जैसे नामकरण या विवाह) आंतरिक संस्कार को सुदृढ़ करने हेतु है, अच्छी मानसिक छापें विकसित करते हुए जो जन्मों-जन्मों तक साथ चलती हैं।

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