Bharat Devotion

तथागत

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

इस प्रकार गया / आया हुआ

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

'तथा' (इस प्रकार) और 'आगत' (आया) या 'गत' (गया) से बना; बुद्ध द्वारा स्वयं के लिए प्रयुक्त उपाधि, अर्थात् जो पूर्व बुद्धों की भाँति परम सत्य को प्राप्त हुआ।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

स्वयं को 'तथागत' कहकर, 'मैं' के बजाय, बुद्ध ने व्यक्तिगत अहं से हटकर उस निर्वैयक्तिक सत्य की ओर इशारा किया जिसे उन्होंने साक्षात्कार किया था।

तथागत का उल्लेख इन लेखों में