Bharat Devotion

बोधिसत्त्व

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

बोधि-प्राप्ति की ओर अग्रसर सत्त्व

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'बोधि' (जागरण) तथा 'सत्त्व' (सत्त्व) से — जिसका सार ज्ञानोदय की ओर उन्मुख हो।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

जातक कथाओं में, बुद्ध की स्वयं की पहचान असंख्य पूर्वजन्मों में — पशु, राजा अथवा तपस्वी के रूप में — जबकि वे बुद्धत्व हेतु आवश्यक गुणों को परिपूर्ण कर रहे थे।

बोधिसत्त्व का उल्लेख इन लेखों में