विपश्यना
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
स्पष्ट दर्शन, अंतर्दृष्टि
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'वि' (गहनता से) + 'पश्यना' (देखना) से — वास्तविकता को जैसी वह है वैसे प्रत्यक्ष रूप से देखने हेतु ध्यान, विशेष रूप से समस्त घटनाओं की अनित्यता (अनिच्च) तथा अनात्म (अनत्त) प्रकृति।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
एस. एन. गोयनका की शिक्षा के माध्यम से वैश्विक रूप से लोकप्रिय, विपश्यना सामान्यतः गहन, मौन दस-दिवसीय शिविरों में सिखाई जाती है तथा बौद्ध धर्म की सबसे पुरानी जीवित ध्यान तकनीकों में से एक मानी जाती है।