शब्द
भगत रविदास जी की सोरठि राग में बाणी: मैं और तू एक हैं
यह एक भक्ति गीत है जिसमें भगत रविदास जी समझाते हैं कि जब तक हम अपने अहंकार में थे, तब तक परमात्मा हमसे दूर लगते थे, पर जब हमने अपने आप को उनमें समर्पित कर दिया, तो हम और वे एक हो गए। वे पानी की लहर और पानी, सोने के गहने और सोने, तथा पतंगे और आग जैसे उदाहरणों से इस एकता को समझाते हैं।
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