अभंग
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
अटूट (पद्य)
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
मराठी "अ-" (नहीं) + "भंग" (टूटा हुआ) से — वारकरी भक्ति संतों द्वारा प्रवर्तित सहज प्रवाह वाला मराठी भक्ति पद्य।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
तुकाराम, नामदेव और एकनाथ जैसे संत-कवियों द्वारा पंढरपुर के विठ्ठल की स्तुति में रचित, अभंग की सरल, अटूट लय ने सामान्य किसानों और मजदूरों को भी अपनी भाषा में भक्ति गाने दी, न कि केवल संस्कृत जानने वाले विद्वानों को।