Bharat Devotion

आसन

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

स्थिर और सुखपूर्वक बैठने की शारीरिक स्थिति

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत धातु 'आस्' (बैठना) — स्थिरसुखमासनम्।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

शारीरिक स्थिरता जो मानसिक शांति और प्राणायाम के लिए आधार तैयार करती है।

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