बाणी
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
वाणी, शास्त्र
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
पंजाबी "बाणी" (वचन, कथन) से — सिख धर्मग्रंथ की एक नामित, संपूर्ण रचना, जैसे जपुजी साहिब या आनंद साहिब, जो नित्नेम के भाग के रूप में प्रतिदिन पढ़ी जाती है।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
जहाँ "शब्द" किसी एक स्तोत्र को दर्शा सकता है, "बाणी" एक संपूर्ण, नामित रचना है जो पूरी तरह पढ़ी जाती है — यह सिख के नित्य भक्ति अनुशासन का आधार है।