मंत्र
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
मन को संसार के बंधनों से मुक्त करने वाली दिव्य ध्वनि
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'मन्' (मन) तथा 'त्रै' (रक्षा करना/तारना) से बना शब्द — मननात् त्रायते इति मन्त्रः।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
पवित्र ध्वनि तरंगे जो मानसिक चंचलता को समाप्त कर चेतना को जागृत करती हैं।