पवित्र नदियों का आह्वान
यह एक श्लोक की प्रार्थना है जिसमें सात पवित्र नदियों से स्नान या पूजा के जल में उपस्थित होने की विनती की जाती है।
श्लोक
हे गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी! इस जल में आप सब अपना सन्निधान प्रदान करें।
पूजन विधि एवं फलश्रुति (महत्व व लाभ)
नित्य प्रतिदिन अथवा शुभ तिथियों (एकादशी, पूर्णिमा, प्रदोष) पर
ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4 से 6 बजे) अथवा संध्या काल
शुद्ध घी का दीपक, धूप, ताजे पुष्प एवं नैवेद्य/जल
- मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति एवं घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
पृष्ठभूमि
'गङ्गे च यमुने चैव' एक श्लोक का आवाहन मन्त्र है, जिसे स्नान, संकल्प या पूजा से पहले जल पर बोला जाता है ताकि इसमें नामित सात नदियाँ उस जल में उपस्थित हों। गौड़ीय वैष्णव आचार-ग्रन्थ हरिभक्तिविलास के संस्कृत पाठ में यह श्लोक 4.102 पर 'आवाहनमन्त्रश्चायम्' कहकर उद्धृत है। उस ग्रन्थ में इसके रचयिता का नाम नहीं दिया गया है और कोई व्यक्तिगत रचनाकार ज्ञात नहीं है; इसे चिरप्रचलित अनुष्ठान-सूत्र के रूप में ही ग्रहण करना उचित है। आज यह स्नान-श्लोक के रूप में सिखाया जाता है और कलश के जल को पवित्र करने में भी बोला जाता है।
क्या आप जानते हैं?
सात पवित्र नदियाँ
इस श्लोक में गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी का स्मरण है; इन्हें पापहारिणी और पुण्यदायिनी माना गया है।
स्रोत
हरिभक्तिविलास के संस्कृत पाठ में यह श्लोक 4.102 पर आवाहन मन्त्र के रूप में आया है। वहाँ रचयिता का नाम नहीं है, इसलिए यहाँ कोई रचनाकार नहीं बताया गया है।
सरस्वती का रहस्य
सरस्वती वेदों में प्रशंसित नदी है जो अब धरातल पर दिखाई नहीं देती। परम्परा उसे अदृश्य प्रवाहिनी कहती है, और इस श्लोक में उसका स्थान सभी पवित्र जल में अदृश्य दिव्य उपस्थिति का संकेत है।
अनुष्ठान में प्रयोग
यह श्लोक स्नान, संकल्प या तर्पण जैसे कर्मों में जल अर्पित करने से पहले बोला जाता है, ताकि नदियाँ उस जल में निवास करें।
एकता का भाव
हिमालय की गंगा-यमुना से दक्षिण की कावेरी और पश्चिम की सिंधु तक की नदियों का नाम एक श्लोक में लेकर पूरे देश को एक भक्ति-भाव में जोड़ा गया है।
सिंधु का महत्त्व
सिंधु नदी से ही 'हिंदू' और 'इंडिया' नाम आए; यह अब मुख्यतः पाकिस्तान में बहती है।
छंद
यह अनुष्टुप् छंद का श्लोक है, जिसमें कुल 32 अक्षर होते हैं और प्रत्येक पाद में 8; इसलिए इसे याद करना और गाना सरल है।
Vishnu
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