भगवान विष्णु
अन्य नाम: Narayana, Jagdish
त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता और धर्म के संरक्षक।
सत्यनारायण व्रत कथा
क्या है इसका महत्व और कहानी?
एकादशी व्रत का महत्व
एकादशी व्रत का मार्गदर्शक: एकादशी देवी का प्राकट्य, उपवास के तीन प्रकार, वर्जित आहार, पूजन विधि तथा द्वादशी पारण और हरि वासर के नियम।
सत्यनारायण पूजा विधि
स्कंद पुराण के रेवाखंड में निहित, सत्यनारायण पूजा एक गृह अनुष्ठान, पांच अध्यायों की कथा, तथा साझा प्रसाद के माध्यम से स्वयं सत्य का सम्मान करती है।
होली
कथा और महत्व
वट सावित्री व्रत कथा
सावित्री का सतीत्व और यमराज को मात देने की कहानी
समुद्र मंथन
सागर का मंथन
१०८ दिव्य देशम
पावन वैष्णव धाम
अजा एकादशी व्रत कथा (भाद्रपद कृष्ण)
ब्रह्मवैवर्त पुराण से, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अजा एकादशी का व्रत रखकर अपना राज्य, पत्नी, तथा पुनर्जीवित पुत्र पुनः प्राप्त करते हैं।
आमलकी एकादशी व्रत कथा (फाल्गुन शुक्ल पक्ष)
ब्रह्माण्ड पुराण में वर्णित फाल्गुन शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी की पावन कथा, जिसमें आंवले के वृक्ष के पूजन से एक पापी शिकारी को भी मोक्ष प्राप्त हुआ था।
अपरा एकादशी व्रत कथा
एक राजा की आत्मा को मुक्त करना
भक्ति
दिव्य प्रेम का योग
भारत के चार धाम
चारों दिशाओं में स्थित सनातन संस्कृति के पावन महातीर्थ
चरणामृत एवं तीर्थ जल
भगवान के चरणामृत का आध्यात्मिक महत्व और ग्रहण करने का नियम
उत्तराखंड का छोटा चार धाम
यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की पावन हिमालयी यात्रा
पवित्र दीया
तेल के दीप जलाने के नियम
देवशयनी एकादशी व्रत कथा (आषाढ़ शुक्ल)
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की हरिशयनी एकादशी की पावन कथा, जिससे चातुर्मास का शुभारम्भ होता है और भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रविष्ट होते हैं।
देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी व्रत कथा एवं तुलसी विवाह महत्व
स्कन्द पुराण में वर्णित कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी की पावन कथा, जिस दिन भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से जागते हैं, चातुर्मास समाप्त होता है और तुलसी विवाह का आरम्भ होता है।
एकादशी
आध्यात्मिक रहस्य, व्रत विधि एवं २४ एकादशियों का परिचय
गुरुवार व्रत
बृहस्पति देव की साधना
हरिद्वार और हर की पौड़ी
गंगा का पावन द्वार
इन्दिरा एकादशी व्रत कथा (पितृ पक्ष / आश्विन कृष्ण पक्ष)
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित आश्विन कृष्ण पक्ष (पितृ पक्ष) की इन्दिरा एकादशी की पावन कथा, जिसमें देवर्षि नारद के उपदेश से राजा इन्द्रसेन ने अपने पितरों को यमलोक के कष्ट से मुक्त कराकर वैकुण्ठ भेजा था।
जया एकादशी व्रत कथा (माघ शुक्ल पक्ष)
पद्म पुराण में वर्णित माघ शुक्ल पक्ष की जया एकादशी की पावन कथा, जिसके प्रभाव से माल्यवान और पुष्पवती पिशाच योनि के घोर कष्ट से मुक्त हुए थे।
कामदा एकादशी व्रत कथा (चैत्र शुक्ल पक्ष)
वराह पुराण में वर्णित चैत्र शुक्ल पक्ष की कामदा एकादशी की पावन कथा, जिसके प्रभाव से गन्धर्व ललित राक्षस योनि से मुक्त हुआ और पतिव्रता ललिता की मनोकामना पूर्ण हुई।
कामिका एकादशी व्रत कथा (श्रावण कृष्ण पक्ष)
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित श्रावण कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी की पावन कथा, जिसमें तुलसी दल से भगवान विष्णु के पूजन और अनजाने में हुए ब्रह्म-हत्या जैसे पापों के प्रायश्चित का महत्व बताया गया है।
कार्तिक पूर्णिमा
अर्थ, धार्मिक महत्व और पवित्र परंपराएं
मोहिनी एकादशी व्रत कथा (वैशाख शुक्ल पक्ष)
सूर्य पुराण में वर्णित वैशाख शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि कौण्डिन्य के उपदेश से धृष्टबुद्धि नामक पापी पुत्र के सभी घोर पाप नष्ट हो गए थे।
मोक्षदा एकादशी व्रत कथा एवं गीता जयंती महत्व
ब्रह्माण्ड पुराण में वर्णित मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी की पावन कथा, जिसमें राजा वैखानस ने अपने पूर्वजों को नरक से मुक्ति दिलाई थी; इसी दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है।
नव वृन्दावन
तुंगभद्रा के पावन तट पर नौ मध्व संतों की पवित्र समाधियाँ
नव नरसिंह
अहोबिलम के नौ पावन मंदिर
नवतुरुपति
भगवान विष्णु के नौ पावन नवग्रह दिव्य देशम
मंगलगिरि
पानाकल नृसिंह का पावन पर्वत
निर्जला एकादशी व्रत कथा एवं महत्व
पद्म पुराण में वर्णित ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की भीमसेनी निर्जला एकादशी की पावन कथा, जिसमें जल की एक बूँद भी ग्रहण किए बिना व्रत रखा जाता है।
ओणम और महाबली का आगमन
केरल का सबसे बड़ा पर्व राजा महाबली के वार्षिक आगमन का स्मरण कराता है—वह उदार असुर राजा जिन्हें विष्णु ने वामन रूप में पाताल भेजा, पर हर वर्ष लौटने का वर दिया।
पद्मिनी (कमला) एकादशी व्रत कथा (अधिक मास शुक्ल पक्ष)
पद्म पुराण में वर्णित अधिक मास (मलमास) के शुक्ल पक्ष की पद्मिनी (कमला) एकादशी की पावन कथा, जिसमें रानी पद्मिनी के व्रत से महाबली कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रबाहु) का जन्म हुआ था।
पंच बद्री
चमोली में भगवान विष्णु के पांच पवित्र हिमालयी धाम
पंच प्रयाग
गढ़वाल के पाँच पावन नदी संगम
पंचरंग क्षेत्रम्
पवित्र कावेरी तट पर स्थित भगवान विष्णु के पाँच दिव्य शयन क्षेत्र
पापांकुशा एकादशी व्रत कथा (आश्विन शुक्ल पक्ष)
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित आश्विन शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि अंगिरा के उपदेश से क्रूर शिकारी क्रोधन के समस्त पाप अंकुश की भाँति नियंत्रित होकर नष्ट हो गए थे।
पापमोचिनी एकादशी व्रत कथा (चैत्र कृष्ण पक्ष)
भविष्योत्तर पुराण में वर्णित चैत्र कृष्ण पक्ष की पापमोचिनी एकादशी की पावन कथा, जिसके प्रभाव से ऋषि मेधावी और अप्सरा मंजुघोषा घोर शाप व पापों से मुक्त हुए थे।
परमा एकादशी व्रत कथा (अधिक मास कृष्ण पक्ष)
स्कन्द पुराण में वर्णित अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष की परमा एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि कौण्डिन्य के उपदेश से निर्धन ब्राह्मण सुमेधा और उनकी पत्नी पवित्रा को कुबेर जैसा अतुल्य धन और वैभव प्राप्त हुआ था।
परिवर्तिनी (पार्श्व / वामन) एकादशी व्रत कथा
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशी की पावन कथा, जिसमें भगवान विष्णु शयन में करवट बदलते हैं और वामन अवतार द्वारा राजा बलि का उद्धार करते हैं।
पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कथा (पौष शुक्ल पक्ष)
भविष्य पुराण में वर्णित पौष शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि लोमश के उपदेश से राजा सुकेतुमान और रानी शैव्या को सुयोग्य तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई थी।
प्रसाद एवं भोग
भोजन का दिव्य रूपांतरण, नियम और ग्रहण करने का आध्यात्मिक फल
पूर्णिमा और अमावस्या
दो चंद्र ध्रुव
रमा एकादशी व्रत कथा (कार्तिक कृष्ण पक्ष)
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित कार्तिक कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी की पावन कथा, जिसमें राजकुमारी चन्द्रभागा और राजकुमार शोभन ने दिव्य देवपुरी का अमर ऐश्वर्य प्राप्त किया था।
संकल्प
पवित्र दृढ़ता का वैदिक विज्ञान
सफला एकादशी व्रत कथा (पौष कृष्ण पक्ष)
ब्रह्माण्ड पुराण में वर्णित पौष कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी की पावन कथा, जिसमें राजा महिष्मान के पापी पुत्र लुम्पक का अनजाने में किए गए व्रत से उद्धार हुआ और समस्त कार्य 'सफल' हुए।
सप्त पुरी
सनातन धर्म के सात मोक्षदायक तीर्थ नगर
शंख का रहस्य
समुद्र मंथन, शंखनाद का विज्ञान, प्रकार और पूजन के नियम
षटतिला एकादशी व्रत कथा (तिल के ६ पावन उपयोग)
भविष्य पुराण में वर्णित माघ कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी की पावन कथा, जिसमें तिल के ६ दिव्य उपयोगों और अन्नदान के सर्वोच्च महत्व को दर्शाया गया है।
श्रावण पुत्रदा (पवित्रोपना) एकादशी व्रत कथा
भविष्य पुराण में वर्णित श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा (पवित्रोपना) एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि लोमश के उपदेश से राजा महीजित को पूर्वजन्म के अनजाने दोष से मुक्ति और तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई थी।
भक्ति आंदोलन
भारत का पावन आध्यात्मिक पुनर्जागरण
तिरुप्पावै
आंडाल और मार्गशीर्ष व्रत की कथा
तिलक एवं चंदन
आज्ञा चक्र का विज्ञान, प्रकार और मस्तक पर धारण करने का रहस्य
तुलसी महिमा
वृंदा की पावन कथा, आध्यात्मिक रहस्य, औषधीय गुण एवं पूजन विधि
उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा (एकादशी देवी का प्राकट्य)
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष में भगवान विष्णु के दिव्य शरीर से एकादशी देवी के प्राकट्य और दैत्य मुर के वध की पावन कथा, जिससे एकादशी व्रत का शुभारम्भ हुआ।
वरुथिनी एकादशी व्रत कथा
एक राजा का स्वस्थ हुआ पैर
विजया एकादशी व्रत कथा (फाल्गुन कृष्ण पक्ष)
स्कन्द पुराण में वर्णित फाल्गुन कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि बकदालभ्य के उपदेश से भगवान श्रीराम ने लंका विजय और समुद्र पार करने हेतु यह व्रत किया था।
वारकरी दर्शन
अद्वैत भक्ति
यज्ञ एवं हवन
वैदिक अग्निहोत्र का रहस्य और विज्ञान
योगिनी एकादशी व्रत कथा (आषाढ़ कृष्ण पक्ष)
पद्म पुराण में वर्णित आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि मार्कण्डेय के उपदेश से यक्ष हेममाली श्वेत कुष्ठ (कोढ़) के भयानक रोग से मुक्त हुआ था।