Bharat Devotion
Embroidered artwork for श्री नृसिंह अष्टोत्तरशत नामावली: Embroidered Om symbol above a brass diya, marigolds and a temple spire at sunrise

श्री नृसिंह अष्टोत्तरशत नामावली

श्री नृसिंह अष्टोत्तरशत नामावली

विष्णु के नृसिंह रूप के 108 नाम, प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' के साथ, रक्षा, साहस और कृपा के लिए।

श्लोक

१०८ पावन नामावली

भगवान के १०८ दिव्य नाम, जिनका 'ॐ' एवं 'नमः' के साथ अर्चन व जप किया जाता है।

ॐ नृसिंहाय नमः
Om Nrsimhaay Namah.

श्लोक 1

ॐ महासिंहाय नमः
Om Mahaasimhaay Namah.

श्लोक 2

ॐ दिव्यसिंहाय नमः
Om Divyasimhaay Namah.

श्लोक 3

ॐ महाबलाय नमः
Om Mahabaalaay Namah.

श्लोक 4

ॐ उग्रसिंहाय नमः
Om Ugrasimhaay Namah.

श्लोक 5

ॐ महादेवाय नमः
Om Mahaadevaay Namah.

श्लोक 6

ॐ स्तम्भजाय नमः
Om Stambhajaay Namah.

श्लोक 7

ॐ उग्रलोचनाय नमः
Om Ugralochanaay Namah.

श्लोक 8

ॐ रौद्राय नमः
Om Raudraay Namah.

श्लोक 9

ॐ सर्वाद्भुताय नमः
Om Sarvaadbhutaay Namah.

श्लोक 10

ॐ श्रीमते नमः
Om Shreemate Namah.

श्लोक 11

ॐ योगानन्दाय नमः
Om Yoganandaay Namah.

श्लोक 12

ॐ त्रिविक्रमाय नमः
Om Trivikramaay Namah.

श्लोक 13

ॐ हरये नमः
Om Haraye Namah.

श्लोक 14

ॐ कोलाहलाय नमः
Om Kolaahalaay Namah.

श्लोक 15

ॐ चक्रिणे नमः
Om Chakrine Namah.

श्लोक 16

ॐ विजयाय नमः
Om Vijayaay Namah.

श्लोक 17

ॐ जयवर्धनाय नमः
Om Jayavardhanaay Namah.

श्लोक 18

ॐ पञ्चाननाय नमः
Om Panchaananaay Namah.

श्लोक 19

ॐ परब्रह्मणे नमः
Om Parabrahmne Namah.

श्लोक 20

ॐ अघोराय नमः
Om Ghorayaay Namah.

श्लोक 21

ॐ घोरविक्रमाय नमः
Om Ghoravikramaay Namah.

श्लोक 22

ॐ ज्वलन्मुखाय नमः
Om Jwalitmukhaay Namah.

श्लोक 23

ॐ ज्वालमालिने नमः
Om Jwaalamaaline Namah.

श्लोक 24

ॐ महाज्वालाय नमः
Om Mahaajwaalaay Namah.

श्लोक 25

ॐ महाप्रभवे नमः
Om Mahaaprabhave Namah.

श्लोक 26

ॐ निटिलाक्षाय नमः
Om Nitilaakshaay Namah.

श्लोक 27

ॐ सहस्राक्षाय नमः
Om Sahasraakshaay Namah.

श्लोक 28

ॐ दुर्निरीक्ष्याय नमः
Om Durnireekshyaay Namah.

श्लोक 29

ॐ प्रतापनाय नमः
Om Prataapanaay Namah.

श्लोक 30

ॐ महादंष्ट्रायुधाय नमः
Om Mahaadamshtraayudhaay Namah.

श्लोक 31

ॐ प्राज्ञाय नमः
Om Praajnyaay Namah.

श्लोक 32

ॐ चण्डकोपिने नमः
Om Chandakopine Namah.

श्लोक 33

ॐ सदाशिवाय नमः
Om Sadaashivaay Namah.

श्लोक 34

ॐ हिरण्यकशिपुध्वंसिने नमः
Om Hiranyakashipudhwamsine Namah.

श्लोक 35

ॐ दैत्यदानवभञ्जनाय नमः
Om Daityadaanavabhanjanaay Namah.

श्लोक 36

ॐ गुणभद्राय नमः
Om Gunabhadraay Namah.

श्लोक 37

ॐ महाभद्राय नमः
Om Mahaabhadraay Namah.

श्लोक 38

ॐ बलभद्राय नमः
Om Balabhadraay Namah.

श्लोक 39

ॐ सुभद्रकाय नमः
Om Subhadrakaay Namah.

श्लोक 40

ॐ करालाय नमः
Om Karaalaay Namah.

श्लोक 41

ॐ विकरालाय नमः
Om Vikaraalaay Namah.

श्लोक 42

ॐ विकर्त्रे नमः
Om Vikartre Namah.

श्लोक 43

ॐ सर्वकर्तृकाय नमः
Om Sarvakartrikaay Namah.

श्लोक 44

ॐ शिंशुमाराय नमः
Om Shinshumaaraay Namah.

श्लोक 45

ॐ त्रिलोकात्मने नमः
Om Trilokaatmane Namah.

श्लोक 46

ॐ ईशाय नमः
Om Eeshaay Namah.

श्लोक 47

ॐ सर्वेश्वराय नमः
Om Sarveshwaraay Namah.

श्लोक 48

ॐ विभवे नमः
Om Vibhave Namah.

श्लोक 49

ॐ भैरवाडम्बराय नमः
Om Bhairavaadambaraay Namah.

श्लोक 50

ॐ दिव्याय नमः
Om Divyaay Namah.

श्लोक 51

ॐ अच्युताय नमः
Om Achyutaay Namah.

श्लोक 52

ॐ कविमाधवाय नमः
Om Kavimadhavaay Namah.

श्लोक 53

ॐ अधोक्षजाय नमः
Om Adhokshajaay Namah.

श्लोक 54

ॐ अक्षराय नमः
Om Aksharaay Namah.

श्लोक 55

ॐ शर्वाय नमः
Om Sharvaay Namah.

श्लोक 56

ॐ वनमालिने नमः
Om Vanamaaline Namah.

श्लोक 57

ॐ वरप्रदाय नमः
Om Varapradaay Namah.

श्लोक 58

ॐ विश्वम्भराय नमः
Om Vishvambharaay Namah.

श्लोक 59

ॐ अद्भुताय नमः
Om Adbhutaay Namah.

श्लोक 60

ॐ भव्याय नमः
Om Bhavyaay Namah.

श्लोक 61

ॐ श्रीविष्णवे नमः
Om Shree Vishnave Namah.

श्लोक 62

ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
Om Purushottamaay Namah.

श्लोक 63

ॐ अनघास्त्राय नमः
Om Anaghaastraay Namah.

श्लोक 64

ॐ नखास्त्राय नमः
Om Nakhaastraay Namah.

श्लोक 65

ॐ सूर्यज्योतिषे नमः
Om Sooryajyotishe Namah.

श्लोक 66

ॐ सुरेश्वराय नमः
Om Sureshwaraay Namah.

श्लोक 67

ॐ सहस्रबाहवे नमः
Om Sahasrabahave Namah.

श्लोक 68

ॐ सर्वज्ञाय नमः
Om Sarvajnyaay Namah.

श्लोक 69

ॐ सर्वसिद्धिप्रदायकाय नमः
Om Sarvasiddhipradaayakaay Namah.

श्लोक 70

ॐ वज्रदंष्ट्राय नमः
Om Vajradamshtraay Namah.

श्लोक 71

ॐ वज्रनखाय नमः
Om Vajranakhaay Namah.

श्लोक 72

ॐ महानन्दाय नमः
Om Mahaanandaay Namah.

श्लोक 73

ॐ परन्तपाय नमः
Om Parantapaay Namah.

श्लोक 74

ॐ सर्वयन्त्रैकरूपाय नमः
Om Sarvayantraikaroopaay Namah.

श्लोक 75

ॐ सर्वयन्त्रविदारणाय नमः
Om Sarvayantravidaaranaay Namah.

श्लोक 76

ॐ सर्वतन्त्रात्मकाय नमः
Om Sarvatantraatmakaay Namah.

श्लोक 77

ॐ अव्यक्ताय नमः
Om Avyaktaay Namah.

श्लोक 78

ॐ सुव्यक्ताय नमः
Om Suvyaktaay Namah.

श्लोक 79

ॐ भक्तवत्सलाय नमः
Om Bhaktavatsalaay Namah.

श्लोक 80

ॐ वैशाखशुक्लभूतोत्थाय नमः
Om Vaishaakha Shuklabhootoththaay Namah.

श्लोक 81

ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
Om Sharanaagatavatsalaay Namah.

श्लोक 82

ॐ उदारकीर्तये नमः
Om Udaarakirataaye Namah.

श्लोक 83

ॐ पुण्यात्मने नमः
Om Punyaatmane Namah.

श्लोक 84

ॐ महात्मने नमः
Om Mahaatmane Namah.

श्लोक 85

ॐ चण्डविक्रमाय नमः
Om Chandavikramaay Namah.

श्लोक 86

ॐ वेदत्रयप्रपूज्याय नमः
Om Vedatrayaprapoojyaay Namah.

श्लोक 87

ॐ भगवते नमः
Om Bhagavate Namah.

श्लोक 88

ॐ परमेश्वराय नमः
Om Parameshwaraay Namah.

श्लोक 89

ॐ श्रीवत्साङ्काय नमः
Om Shreevatsaankaay Namah.

श्लोक 90

ॐ श्रीनिवासाय नमः
Om Shreenivaasaay Namah.

श्लोक 91

ॐ जगद्व्यापिने नमः
Om Jagadvyapine Namah.

श्लोक 92

ॐ जगन्मयाय नमः
Om Jaganmayaay Namah.

श्लोक 93

ॐ जगत्पालाय नमः
Om Jagatpaalaay Namah.

श्लोक 94

ॐ जगन्नाथाय नमः
Om Jagannaathaay Namah.

श्लोक 95

ॐ महाकायाय नमः
Om Mahaakaayaay Namah.

श्लोक 96

ॐ द्विरूपभृते नमः
Om Dwiroopabhrite Namah.

श्लोक 97

ॐ परमात्मने नमः
Om Paramaatmane Namah.

श्लोक 98

ॐ परंज्योतिषे नमः
Om Paramjyotishe Namah.

श्लोक 99

ॐ निर्गुणाय नमः
Om Nirgunaay Namah.

श्लोक 100

ॐ नृकेसरिणे नमः
Om Nrukesarine Namah.

श्लोक 101

ॐ परतत्त्वाय नमः
Om Paratattvaay Namah.

श्लोक 102

ॐ परंधाम्ने नमः
Om Paramdhaamne Namah.

श्लोक 103

ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
Om Sachchidanandavigrahaay Namah.

श्लोक 104

ॐ लक्ष्मीनृसिंहाय नमः
Om Lakshmeenrsimhaay Namah.

श्लोक 105

ॐ सर्वात्मने नमः
Om Sarvaatmane Namah.

श्लोक 106

ॐ धीराय नमः
Om Dheeraay Namah.

श्लोक 107

ॐ प्रह्लादपालकाय नमः
Om Prahlaadaapaalakaay Namah.

श्लोक 108

समापनम् एवं फलश्रुति

पाठ की पूर्णाहुति, ईश्वर को समर्पण एवं माहात्म्य।

इति श्रीनृसिंहाष्टोत्तरशतनामावली सम्पूर्णा
Iti Shree Nrsimha Ashtottara Shatanaamavali Sampoorna.

श्लोक समापनम्

पूजन विधि एवं फलश्रुति (महत्व व लाभ)

शुभ दिन व तिथि

नित्य प्रतिदिन अथवा शुभ तिथियों (एकादशी, पूर्णिमा, प्रदोष) पर

उत्तम मुहूर्त / समय

ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4 से 6 बजे) अथवा संध्या काल

पूजन सामग्री व अर्पण

शुद्ध घी का दीपक, धूप, ताजे पुष्प एवं नैवेद्य/जल

फलश्रुति एवं आध्यात्मिक लाभ
  • मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति एवं घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
पाठ विधि सुझाव:प्रति नाम के साथ 'ॐ' और अंत में 'नमः' का सस्वर उच्चारण करें।

पृष्ठभूमि

यह नामावली नृसिंह को समर्पित है, वह रूप जो विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए लिया, जिसकी कथा भागवत पुराण 7.8 में है। इसका पाठ दैनिक पूजा, नृसिंह जयंती और रक्षा-प्रार्थना के रूप में होता है। इसका संस्कृत पाठ संस्कृत डॉक्युमेंट्स पर सूचीबद्ध नृसिंह अष्टोत्तरशत नामावली (क्रमांक 4) से मिलता है, कुछ वर्तनी-भेद के साथ; इसके किसी रचयिता या पौराणिक स्रोत का नाम नहीं मिलता और यहाँ कोई दावा नहीं किया गया।

क्या आप जानते हैं?

पाठ का स्वरूप

इस नामावली में 108 नाम हैं, प्रत्येक 'ॐ' से आरंभ और 'नमः' पर समाप्त, इसलिए हर नाम एक छोटे मंत्र की तरह क्रम से समर्पित किया जाता है।

नामों में कथा

स्तम्भजाय (खंभे से प्रकट), हिरण्यकशिपुध्वंसिने (हिरण्यकशिपु का संहार करने वाले) और अंतिम नाम प्रह्लादपालकाय (प्रह्लाद के रक्षक) भागवत पुराण (7.8) में वर्णित उस प्रसंग की याद दिलाते हैं जब प्रभु संध्याकाल में प्रकट हुए, न नर, न पशु।

उग्र और कोमल

उग्रसिंह, रौद्र और चण्डकोपी भयंकर क्रोध के नाम हैं, जबकि भक्तवत्सल और शरणागतवत्सल बताते हैं कि यह क्रोध रक्षा के लिए है।

नाम में तिथि का संकेत

'वैशाखशुक्लभूतोत्थाय' नाम वैशाख शुक्ल पक्ष की ओर संकेत करता है, जिसमें नृसिंह जयंती मनाई जाती है।

सिंह रूप से परे

परब्रह्मणे, निर्गुणाय और सच्चिदानन्दविग्रहाय जैसे नाम नृसिंह को परम तत्त्व के रूप में स्थापित करते हैं, और लक्ष्मीनृसिंहाय लक्ष्मी जी के साथ विराजमान प्रभु का स्मरण कराता है।

Vishnu की संपूर्ण स्तुति एवं पाठ

Vishnu

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