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Embroidered artwork for श्री अमरनाथ पावन गुफा: अमर कथा की तपोभूमि एवं स्वयंभू हिमलिंगम: A yogi in lotus pose on a rock beside a mountain lake at sunrise, in embroidery

श्री अमरनाथ पावन गुफा

अमर कथा की तपोभूमि एवं स्वयंभू हिमलिंगम

श्री अमरनाथ पावन गुफा

अमर कथा की तपोभूमि एवं स्वयंभू हिमलिंगम

कश्मीर के दुर्गम हिमशिखरों के मध्य ३,८८८ मीटर की ऊंचाई पर स्थित श्री अमरनाथ गुफा वह परम पावन धाम है जहाँ भगवान शिव ने माता पार्वती को सृष्टि और अमरत्व का गूढ़ रहस्य (अमर कथा) सुनाया था। यहाँ प्राकृतिक रूप से चंद्रमा की कलाओं के अनुसार हिमलिंग का निर्माण होता है।

अमर कथा का पावन उद्घाटन

नीलमत पुराण एवं भृगु संहिता के अनुसार, जब माता पार्वती ने महादेव से उनकी अमरता और मुंडमाला का रहस्य पूछा, तब भगवान शिव ने एकांत स्थान पर अमर कथा सुनाने का निश्चय किया।

सृष्टि के किसी भी प्राणी द्वारा कथा न सुनी जा सके, इसलिए शिवजी ने अपने नंदी को पहलगाम में, चंद्रमा को चंदनवाड़ी में, सर्पों को शेषनाग झील में और पंचतत्वों को पंचतरणी में त्याग दिया और अकेले अमरनाथ गुफा में प्रवेश किया।

पावन यात्रा के प्रमुख पड़ाव

पहलगाम (बैलगाँव)
ऊंचाई:२,१३० मी., लिद्दर घाटी
पौराणिक महत्व:जहाँ शिवजी ने नंदी बैल का परित्याग किया।
चंदनवाड़ी
ऊंचाई:२,८९५ मी.
पौराणिक महत्व:जहाँ शीश के चंद्रमा को छोड़ा।
शेषनाग झील
ऊंचाई:३,५७४ मी., पावन सरोवर
पौराणिक महत्व:जहाँ गले के सर्पों को शीतल जल में विश्राम दिया।
पंचतरणी
ऊंचाई:३,६५० मी.
पौराणिक महत्व:जहाँ पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का त्याग किया।
अमरनाथ गुफा
ऊंचाई:३,८८८ मी.
पौराणिक महत्व:मुख्य पावन गुफा जहाँ स्वयंभू हिमलिंग प्रकट होता है।

पावन अमर पक्षी युगल

कथा के अनुसार, गुफा में शिवजी के आसन के नीचे रखे दो कपोत (कबूतर) के अंडों ने अमर कथा सुन ली और वे अमर हो गए। आज भी बर्फानी गुफा में श्रद्धालुओं को इन पावन कबूतरों के दर्शन होते हैं।

पावन शिव तांडव स्तोत्र

जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी-

विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि।

धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके

किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम॥

के तपाईं जान्नुहुन्छ?

Natural Waxing and Waning

The Ice Lingam naturally grows from the subterranean dripping water from May to August, reaching its peak size on the full moon day of Shravana Purnima (Raksha Bandhan).

Discovered by Buta Malik

In the 19th century, a local shepherd named Buta Malik was gifted a bag of coals by a holy sadhu which miraculously turned into pure gold, leading him to discover the holy cave.

Ice Trio

Beside the main Lingam representing Shiva, two smaller ice formations form naturally representing Maa Parvati and Lord Ganesha.

Ancient Kalhana Chronicle

The 12th-century Sanskrit historical chronicle Rajatarangini records the sacred pilgrimage to Amarnath (Amareshwara).

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