गुरु अर्जन देव जी
अन्य नाम: Guru Arjan
पंचम सिख गुरु (1563-1606), जिन्होंने आदि ग्रंथ का संकलन किया, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर का निर्माण पूर्ण किया तथा सिख धर्म के प्रथम शहीद बने।
गुरु ग्रंथ साहिब का संकलन
यह लेख गुरु अर्जन देव जी द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब के संकलन और गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा इसे अंतिम रूप देने तथा इसे शाश्वत, जीवित गुरु घोषित करने की कथा को सरल भाषा में बताता है।
चढ़दी कला और रज़ा
भाणे को सहर्ष स्वीकारना
गुरु अर्जन देव जी की शहादत
सिखों के पाँचवें गुरु, गुरु अर्जन देव जी ने आदि ग्रंथ का संकलन किया और हरिमंदर साहिब का निर्माण करवाया। सन् 1606 में यातनापूर्ण मृत्यु को उन्होंने जिस शांत स्वीकार-भाव से अपनाया, वह सिख धर्म का पहला शहीदी प्रसंग बना।
गुरु राम दास और अमृतसर की स्थापना
चौथे सिख गुरु, गुरु राम दास ने एक पवित्र सरोवर के चारों ओर उस नगर की स्थापना की, जो बाद में अमृतसर कहलाया। इस अमृत सरोवर को उनके पुत्र गुरु अर्जन देव ने स्वर्ण मंदिर के चारों ओर पूरा किया।
श्री हरिमंदिर साहिब
अमृतसर का पावन स्वर्ण मंदिर एवं अमृत सरोवर