Bharat Devotion

प्राणायाम

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

श्वास-प्रश्वास की गति पर नियंत्रण एवं प्राण का विस्तार

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'प्राण' + 'आयाम' (विस्तार करना)।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

प्राणवायु को नियमित कर चित्त के विकारों को शांत करने की योग साधना।

प्राणायाम का उल्लेख इन लेखों में