Vrat
विषय व अवधारणाएँ
व्रत कथा
आमलकी एकादशी व्रत कथा (फाल्गुन शुक्ल पक्ष)
ब्रह्माण्ड पुराण में वर्णित फाल्गुन शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी की पावन कथा, जिसमें आंवले के वृक्ष के पूजन से एक पापी शिकारी को भी मोक्ष प्राप्त हुआ था।
देवशयनी एकादशी व्रत कथा (आषाढ़ शुक्ल)
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की हरिशयनी एकादशी की पावन कथा, जिससे चातुर्मास का शुभारम्भ होता है और भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रविष्ट होते हैं।
इन्दिरा एकादशी व्रत कथा (पितृ पक्ष / आश्विन कृष्ण पक्ष)
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित आश्विन कृष्ण पक्ष (पितृ पक्ष) की इन्दिरा एकादशी की पावन कथा, जिसमें देवर्षि नारद के उपदेश से राजा इन्द्रसेन ने अपने पितरों को यमलोक के कष्ट से मुक्त कराकर वैकुण्ठ भेजा था।
जया एकादशी व्रत कथा (माघ शुक्ल पक्ष)
पद्म पुराण में वर्णित माघ शुक्ल पक्ष की जया एकादशी की पावन कथा, जिसके प्रभाव से माल्यवान और पुष्पवती पिशाच योनि के घोर कष्ट से मुक्त हुए थे।
मोहिनी एकादशी व्रत कथा (वैशाख शुक्ल पक्ष)
सूर्य पुराण में वर्णित वैशाख शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि कौण्डिन्य के उपदेश से धृष्टबुद्धि नामक पापी पुत्र के सभी घोर पाप नष्ट हो गए थे।
मोक्षदा एकादशी व्रत कथा एवं गीता जयंती महत्व
ब्रह्माण्ड पुराण में वर्णित मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी की पावन कथा, जिसमें राजा वैखानस ने अपने पूर्वजों को नरक से मुक्ति दिलाई थी; इसी दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है।
पापांकुशा एकादशी व्रत कथा (आश्विन शुक्ल पक्ष)
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित आश्विन शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि अंगिरा के उपदेश से क्रूर शिकारी क्रोधन के समस्त पाप अंकुश की भाँति नियंत्रित होकर नष्ट हो गए थे।
पापमोचिनी एकादशी व्रत कथा (चैत्र कृष्ण पक्ष)
भविष्योत्तर पुराण में वर्णित चैत्र कृष्ण पक्ष की पापमोचिनी एकादशी की पावन कथा, जिसके प्रभाव से ऋषि मेधावी और अप्सरा मंजुघोषा घोर शाप व पापों से मुक्त हुए थे।
परमा एकादशी व्रत कथा (अधिक मास कृष्ण पक्ष)
स्कन्द पुराण में वर्णित अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष की परमा एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि कौण्डिन्य के उपदेश से निर्धन ब्राह्मण सुमेधा और उनकी पत्नी पवित्रा को कुबेर जैसा अतुल्य धन और वैभव प्राप्त हुआ था।
परिवर्तिनी (पार्श्व / वामन) एकादशी व्रत कथा
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशी की पावन कथा, जिसमें भगवान विष्णु शयन में करवट बदलते हैं और वामन अवतार द्वारा राजा बलि का उद्धार करते हैं।
पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कथा (पौष शुक्ल पक्ष)
भविष्य पुराण में वर्णित पौष शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि लोमश के उपदेश से राजा सुकेतुमान और रानी शैव्या को सुयोग्य तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई थी।
रमा एकादशी व्रत कथा (कार्तिक कृष्ण पक्ष)
ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित कार्तिक कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी की पावन कथा, जिसमें राजकुमारी चन्द्रभागा और राजकुमार शोभन ने दिव्य देवपुरी का अमर ऐश्वर्य प्राप्त किया था।
सफला एकादशी व्रत कथा (पौष कृष्ण पक्ष)
ब्रह्माण्ड पुराण में वर्णित पौष कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी की पावन कथा, जिसमें राजा महिष्मान के पापी पुत्र लुम्पक का अनजाने में किए गए व्रत से उद्धार हुआ और समस्त कार्य 'सफल' हुए।
श्रावण पुत्रदा (पवित्रोपना) एकादशी व्रत कथा
भविष्य पुराण में वर्णित श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा (पवित्रोपना) एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि लोमश के उपदेश से राजा महीजित को पूर्वजन्म के अनजाने दोष से मुक्ति और तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई थी।
उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा (एकादशी देवी का प्राकट्य)
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष में भगवान विष्णु के दिव्य शरीर से एकादशी देवी के प्राकट्य और दैत्य मुर के वध की पावन कथा, जिससे एकादशी व्रत का शुभारम्भ हुआ।
योगिनी एकादशी व्रत कथा (आषाढ़ कृष्ण पक्ष)
पद्म पुराण में वर्णित आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि मार्कण्डेय के उपदेश से यक्ष हेममाली श्वेत कुष्ठ (कोढ़) के भयानक रोग से मुक्त हुआ था।