Bharat Devotion
Embroidered artwork for नालंदा एवं विक्रमशिला: प्राचीन भारत के पावन बौद्ध महाविहार एवं ज्ञानपीठ: Embroidered Buddha seated in meditation on a pink lotus, with a golden dharma wheel and a white stupa in the mountains

नालंदा एवं विक्रमशिला

प्राचीन भारत के पावन बौद्ध महाविहार एवं ज्ञानपीठ

नालंदा एवं विक्रमशिला

प्राचीन भारत के पावन बौद्ध महाविहार एवं ज्ञानपीठ

प्राचीन भारत में नालंदा और विक्रमशिला विश्व के सबसे भव्य आवासीय बौद्ध महाविहार थे। नागार्जुन, आर्यदेव, धर्मकीर्ति और अतिश दीपंकर जैसे महान आचार्यों द्वारा अनुप्राणित ये पावन परिसर प्रज्ञा, ध्यान, तर्कशास्त्र और सार्वभौमिक धम्म के सर्वोच्च केंद्र रहे हैं।

प्रज्ञा और साधना का पावन संगम

५वीं से १२वीं शताब्दी तक नालंदा महाविहार विश्व भर के बौद्ध विद्वानों और साधकों का सर्वोच्च केंद्र रहा। चीन, तिब्बत, कोरिया और श्रीलंका से आए दस हजार से अधिक भिक्षु यहाँ रहकर अद्वैत, माध्यमिक दर्शन, योगाचार और अभिधम्म का गहन स्वाध्याय करते थे।

यहाँ की साधना का मूल आधार यह था कि अध्यात्म और प्रज्ञा (तर्क) एक दूसरे के पूरक हैं।

नालंदा व विक्रमशिला के प्रमुख पावन अंग

सारिपुत्र का महास्तूप
स्थान:नालंदा, बिहार
काल:ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी
आध्यात्मिक माहात्म्य:बुद्ध के प्रधान शिष्य सारिपुत्र के पावन अवशेषों पर निर्मित भव्य स्तूप।
धर्मगंज (ग्रंथालय)
स्थान:नालंदा
काल:तीन विशाल भवन
आध्यात्मिक माहात्म्य:लाखों दुर्लभ ताड़पत्र पांडुलिपियों का विशाल भंडार।
विक्रमशिला महाविहार
स्थान:भागलपुर, बिहार
काल:८वीं शताब्दी (पाल सम्राट धर्मपाल)
आध्यात्मिक माहात्म्य:वज्रयान दर्शन और आचार्य अतिश दीपंकर की प्रधान तपोभूमि।
ह्वेनसांग स्मृति भवन
स्थान:नालंदा
काल:आधुनिक भारत-चीन स्मारक
आध्यात्मिक माहात्म्य:महान चीनी यात्री व विद्वान भिक्षु ह्वेनसांग की स्मृति में निर्मित।

आचार्य शांतिदेव का पावन बोधिसत्व संकल्प

यावदाकाशमवतिष्ठते

यावच्च जगदवतिष्ठते।

तावन्ममाप्यवस्थानं

भूयाज्जगद्विनाशाय॥

के तपाईं जान्नुहुन्छ?

A gatekeeper's examination

Tradition holds that an aspiring student had to pass questioning from a gatekeeper scholar, the dvarapandita, at Nalanda's threshold before being admitted at all.

A nine-story library

Tibetan sources describe Ratnodadhi, the tallest of Nalanda's three library buildings, as rising nine stories and holding the collection's rarest manuscripts.

Sariputra's own ground

The Great Stupa at Nalanda rose over relics of Sariputra, the Buddha's foremost disciple in wisdom, who was born and is said to have passed into Parinirvana in the nearby village of Nalaka.

A UNESCO World Heritage Site

The excavated ruins of Nalanda Mahavihara were inscribed as a UNESCO World Heritage Site in 2016.

Buddha का सम्पूर्ण स्तुति र पाठ

Buddha

Buddha का सबै पाठ हेर्नुहोस् →