Bhakti
विषय व अवधारणाएँ
गुरु रविदास की शिक्षा में हर नाम सिमरन
गुरु रविदास ने सिखाया कि हर, दिव्य नाम, का चिंतन कर्म के बोझ को जला देता है तथा सबसे विनम्र भक्त को भी सर्वोच्च आध्यात्मिक स्तर तक उठा देता है।
आंतरिक पवित्रता बनाम बाह्य कर्मकांड कबीर भक्ति में
संत कबीर के दोहे, गुरु ग्रंथ साहिब में संरक्षित उनके 541 पदों सहित, आग्रह करते हैं कि ईश्वर मंदिर या मस्जिद में नहीं, करुणा तथा सत्य में मिलते हैं।
मन चंगा तो कठौती में गंगा
आंतरिक शुद्धि और सच्ची भक्ति
रविदास बानी में निर्गुण प्रेम तथा विनम्रता
गुरु रविदास ने सिखाया कि एक शुद्ध हृदय तीर्थयात्रा तथा अनुष्ठान से अधिक भारी है, एक विनम्रता जो गुरु ग्रंथ साहिब के भीतर उनके अपने ही पद्य आज भी वहन करते हैं।