अभंग
संतकृपा झाली इमारत फळा आली — संत बहिणाबाई अभंग
संत बहिणाबाई का यह अभंग वारकरी भक्ति आंदोलन का सबसे प्रामाणिक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक परिचय है। इसमें भक्ति के भव्य देवालय के निर्माण का अनुपम रूपक प्रस्तुत किया गया है: संत ज्ञानेश्वर ने इसकी नींव रखी, संत नामदेव ने इसका विस्तार किया, संत एकनाथ ने इसमें दृढ़ स्तंभ लगाया, और संत तुकाराम इस देवालय के स्वर्ण-कलश बने।
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