Bharat Devotion

Hinduism

विषय व अवधारणाएँ

प्रकाश का पवित्र विज्ञान

घंटा का महत्व

भगवान के चरणामृत का आध्यात्मिक महत्व और ग्रहण करने का नियम

तेल के दीप जलाने के नियम

बुद्धि के लिए सौर आह्वान

बृहस्पति देव की साधना

अर्थ, धार्मिक महत्व और पवित्र परंपराएं

हनुमान जी की साधना

आध्यात्मिक तथा आयुर्वेदिक विज्ञान

सृष्टि का मूल स्पंदन, मांडूक्य उपनिषद् और तुरीय अवस्था का रहस्य

पाँच पावन अमृत तत्व

वैदिक काल के पांच अंग

देवता की परिक्रमा का गूढ़ अर्थ

भोजन का दिव्य रूपांतरण, नियम और ग्रहण करने का आध्यात्मिक फल

दो चंद्र ध्रुव

शिव के अश्रु, १ से १४ मुखी का फल, धारण विधि और वैज्ञानिक लाभ

पवित्र दृढ़ता का वैदिक विज्ञान

कर्मफलदाता शनिदेव की कृपा, सरसों का तेल दान एवं साढ़ेसाती शांति विधि

समुद्र मंथन, शंखनाद का विज्ञान, प्रकार और पूजन के नियम

भगवान शिव की उपासना, महामृत्युंजय मंत्र, और बेलपत्र अर्पण विधि

आज्ञा चक्र का विज्ञान, प्रकार और मस्तक पर धारण करने का रहस्य

वृंदा की पावन कथा, आध्यात्मिक रहस्य, औषधीय गुण एवं पूजन विधि

वैदिक अग्निहोत्र का रहस्य और विज्ञान

कथा

व्रत कथा

स्कन्द पुराण में वर्णित कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी की पावन कथा, जिस दिन भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से जागते हैं, चातुर्मास समाप्त होता है और तुलसी विवाह का आरम्भ होता है।

ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित श्रावण कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी की पावन कथा, जिसमें तुलसी दल से भगवान विष्णु के पूजन और अनजाने में हुए ब्रह्म-हत्या जैसे पापों के प्रायश्चित का महत्व बताया गया है।

पद्म पुराण में वर्णित अधिक मास (मलमास) के शुक्ल पक्ष की पद्मिनी (कमला) एकादशी की पावन कथा, जिसमें रानी पद्मिनी के व्रत से महाबली कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रबाहु) का जन्म हुआ था।

पवित्र स्थल

पावन वैष्णव धाम

नाम, स्थान और महत्व

अमर कथा की तपोभूमि एवं स्वयंभू हिमलिंगम

तमिलनाडु में भगवान मुरुगन के छह पावन शक्ति धाम

भगवान शिव के आठ दिव्य विजय धाम

आठ स्वयंभू गणेश मंदिर

अठारह महाशक्तिपीठ

कृष्ण लीला की पावन परिक्रमा

चारों दिशाओं में स्थित सनातन संस्कृति के पावन महातीर्थ

यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की पावन हिमालयी यात्रा

कोलकाता का दक्षिणेश्वर काली मंदिर, जिसे रानी रासमणि ने 1855 में स्थापित किया, माँ भवतारिणी का धाम और श्रीरामकृष्ण की साधना का स्थल है।

वाराणसी की पावन परिक्रमा

आदि योगी का निवास

तुंगभद्रा के पावन तट पर नौ मध्व संतों की पवित्र समाधियाँ

अहोबिलम के नौ पावन मंदिर

भगवान विष्णु के नौ पावन नवग्रह दिव्य देशम

पानाकल नृसिंह का पावन पर्वत

आन्ध्र प्रदेश के पाँच पावन शिव क्षेत्र

चमोली में भगवान विष्णु के पांच पवित्र हिमालयी धाम

दक्षिण भारत में भगवान शिव के पाँच तत्वीय पावन धाम

पश्चिमी भारत के पांच पावन कृष्ण धाम

हिमालय के पांच पावन शिव मंदिर

गढ़वाल के पाँच पावन नदी संगम

भगवान नटराज के पांच पावन दिव्य नृत्य मण्डप

पवित्र कावेरी तट पर स्थित भगवान विष्णु के पाँच दिव्य शयन क्षेत्र

सनातन संस्कृति की सात पावन मोक्षदायिनी नगरियाँ