Bharat Devotion

Wisdom

कथा

जातक कथाएँ

विदुषी अमरा की बुद्धिमत्ता और चार दुष्ट मंत्रियों का मानमर्दन

सार्थवाह और राक्षसी मरुभूमि

आठ भयावह ध्वनियां और भय-मुक्ति

बगुला, मछलियाँ और केकड़ा

महाकाय के पीछे का धनुर्धर

जन्मों के पार भाई

कोयल और मोह-माया की भ्रांति

मृत मूषक से महाधनी बनने की गाथा

जलयक्ष का प्रश्न

अजपाल ब्राह्मण और स्वर्णमृग की कथा

शिष्य की खोई गुरु-दक्षिणा और राजा

गर्दभ-पञ्ह जातक

गामणि जातक

बाण से भी तेज़

किसान की बाढ़ और लालची राजा

टुकड़ों में बँटी सोने की सिल्ली

वह फल जो आम जैसा दिखता था

वह कंजूस जिसे शक्र ने दान सिखाया

वह आवाज़ जो एक खोखले वृक्ष से आई

स्वर्णिम मयूर और शिकारी की करुणा

रुजा और ब्रह्मा नारद

महासीलव जातक

बुद्धि से साम्राज्य को मात देने वाला बालक

बढ़ई का मूर्ख पुत्र और मच्छर

ठंड, वायु और चंद्रमा का विवाद

अस्पृश्य मुनि और अभिमानी कन्या

मेढ़े की पहेली और प्रज्ञा की परीक्षा

दावत के लिए पाला गया सुअर और संतुष्ट बैल

जल-राक्षस और खोखले सरकंडे

गुप्त धन और सेवक के व्यवहार का रहस्य

क्रमांक 508, नाद के नीचे छिपा रहस्य

कम्पित वृक्ष-देवता और वैर का संहार

रोहिणी जातक

बातूनी को ठीक करने वाला निशानेबाज

क्रमांक 515, राजा को उत्तर देने वाला बालक

बढ़ई और चढ़ता समुद्र

मृत बाघ को जीवित करने वाला शिष्य

संयम की सलाह देने वाला पुत्र

निर्धन बुद्धिमान तथा धनी मूर्ख

वह सुई जिसने वधू जिती

तण्डुलनाळि जातक

वानरराज और नेतृत्व के तीन सद्गुण

कुलीन अश्व और स्वच्छ घाट

वानरिंद जातक

बुद्धिमान मंत्री की शर्त

प्रातःकालीन ओस में अनित्यता का दर्शन करने वाले राजकुमार

मंत्र